
ऊना। टाहलीवाल में जगह चिन्हित होने के बावजूद चीनी मिल की स्थापना न होने से उद्योगपति निराश हैं। इस मिल की स्थापना से सीधे तौर पर करीब 1500 लोगों को रोजगार मिलना था। अप्रत्यक्ष तौर पर करीब 10 हजार लोग रोजगार पा सकते थे। मौजूदा दौर में इस स्थान पर थ्री फेस स्टेशन है। बीबीटी औद्योगिक संघ ने कहा कि गगरेट में भी दो चीनी मिल स्थापना की योजना थी। जगह चिन्हित होने के बावजूद यह प्रोजेक्ट लटक गया। संघ ने कहा कि यह चीनी मिल कांग्रेस के समय में स्वीकृत हुई थी। बाद में सरकार बदलने से योजना लटकी। संघ के प्रधान पवन ठाकुर, चेयरमैन आरके नाग, मुख्य सलाहकार राकेश चावला, कार्यालय सचिव जयदीप यादव, वित्त सचिव राकेश सूद, वीरेंद्र बट्टू, सुधीर कारथा, संयुक्त सचिव कपिल आनंद, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुरेंद्र गिल, उप प्रधान पंत प्रकाश, सतीश टीटू, सुनील बंटी, विपिन आनंद, विवेक शर्मा, सौंधी, पवन घेहड़िया, रविंद्र बिट्टा आदि ने कहा कि राज्य में ट्रांसपोर्ट पालिसी भी बनाई जानी चाहिए। ट्रक यूनियनों के रेट अलग होने से परेशानी झेलनी पड़ती है। संघ के प्रधान पवन ठाकुर ने आगे कहा कि सुचारु विद्युत आपूर्ति न होने की वजह से उद्योग पति पलायन कर रहे हैं। औद्योगिक विकास के लिए जिस तरह का इंफ्रास्ट्रक्चर होना चाहिए, उस तरह से इसे विकसित नहीं किया गया। वर्ष 2000 तक कई उद्योग पति ऐसे थे, जो उद्योगों के नाम पर सब्सिडी डकार गए। बाद में प्लाट री-सेल करके भाग गए। छेत्रां, गोंदपुर जयचंद, गोंदपुर बुल्ला, बाथू, बाथड़ी, सिंगा, नंगल खुर्द, बट्ट, श्यामपुरा, चंदपुर समेत अन्य कुछ क्षेत्रों को उद्योगों के लिए चिन्हित किया गया था। इंडस्ट्रियल पैकेज का जिस प्रकार हिमाचल को फायदा मिलना चाहिए था, वह नहीं मिला। पानी की उचित व्यवस्था न होने से उद्योगपतियों और मजदूरों को दिक्कतेें झेलनी पड़ रही हैं।
कांग्रेस सरकार से उम्मीद
संघ ने कहा कि नई सरकार से उद्योगपतियों को उम्मीद है। 90 दिन में उद्योग की फाइल क्लीयर करने की राज्य सरकार की योजना से उद्योगपति खुश हैं। बाथू, बाथड़ी में 12 करोड़ के एक प्रोजेक्ट, लेबर हॉस्टल, पुलिस चौकी खोलने की घोषणा स्वागत योग्य है। ईएसआई डिस्पेंसरी से भी मजदूरों को राहत मिलेगी।
मंडी में स्थापित हुआ ईएसआई अस्पताल
संघ ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से मंजूर ईएसआई अस्पताल मंडी में स्थापित किया गया। मंडी में कोई बड़ा औद्योगिक क्षेत्र भी नहीं है। इस अस्पताल की स्थापना टाहलीवाल या बद्दी में होनी चाहिए थी।
कांग्रेस की नाकामी से समस्या
भाजपा नेता राम कुमार ने कहा कि औद्योगिक विकास में ठहराव के लिए कांग्रेस की नाकामियां वजह हैं। पूर्व पीएम वाजपेयी की ओर से जारी औद्योगिक पैकेज घटाने में भी केंद्र की यूपीए सरकार आगे रही। इससे औद्योगिक विकास रुक गया। कांग्रेस ने हमेशा हर वर्ग से छल किया है।
लेबर हॉस्टल को जारी होगी पहली किश्त
उद्योग मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि उद्योग और औद्योगिक विकास जैसे विषय भाजपा की समझ से परे हैं। भाजपा के ही कारण उद्योगपतियों ने पलायन किया। अब कांग्रेस की नीतियों से उद्योगपति हिमाचल में निवेश के लिए आगे आ रहे हैं। इससे रोजगार के द्वार खुलेंगे। बिजली और सड़क सुविधा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। लेबर हॉस्टल के लिए भी 50 लाख की पहली किश्त जारी की जा रही है।
